


दफ़्तर के काम से अहमदाबाद दौरे था साथ में कंपनी वाला एक भाई भी. खानें के लिए हम एक पास में बने अच्छे होटल पर जाते.
पहला दिन
मैं: मंगा ले भाई !!!
सर: कढ़ाई पनीर और बटर नान
दूसरा दिन
मैं: मंगा ले भाई !!!
सर: शाही पनीर और मेस्सी रोटी
तीसरा दिन
मैं: मंगा ले भाई !!!
सर: काजू मिक्स और रुमाली रोटी
भाई एक बात बता घर में भी ऱोज शाही पनीर, कढ़ाई पनीर और काजू मिक्स खाता है…?? (मैंने उसकी आँखों में देखते हुआ पूछा)
अरे नहीं सर वो तो कंपनी पैसे दे रही है तो ले लेते है…!!! (खी खी खी )
भाई मेरे और आपके जैसे बोहोत से ऐसे प्राणी है जो घर में बेशक बिना छुकी दाल खाते हो मगर पैसे कोई दूसरा दे तो सबको कढ़ाई पनीर, शाही पनीर चाहिए.
राम राम