
सुबह खाने कि सर्च मे निकले पांडव लोग द्रौपदी के स्वयंवर मे जा घुसे. और लगे घुमती मछली को तीर मारने.
वहाँ मछली की आँख फोड़ते हुए अर्जुन ने स्वयंवर मे द्रौपदी को जीत लिया और उन्हें घर ले पहुँचा जहाँ माता कुंती डिनर बना रही थी.
भीम चिल्लाया: “ऐ माँ देख हम क्या लाए है…???”
कुंती: “अरे बेटा जो भी लाए हो पाँच हिस्सों मे बाट लो.”
बस वही से द्रौपदी पाँच पांडवों कि पत्नी कहलाती है.