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Category: Haryanvi

सेधया करे

Posted on October 15, 2020October 15, 2020

छोरा हो या छोरी हो घणा सर प ठाया सेधया करे बिचारा करके सांपा न जो दूध पिलाया सेधया करे यारी प्यारी रिश्तेदारी राज बताया सेधया करे घणी नफ़रत सेधे प्यार भी सेधे ग़ुस्सा इकरार भी सेधया करे सीधा माणस सेधे दुनिया वक्त की मार भी सेधया करे “दीप” बदलजा होले टेढ़ा सीधे न सब…

तकरार: एक हरियाणवी कविता

Posted on October 15, 2020October 15, 2020

भाई के गिले अर के शिकवे तू के बाता की बात करे बदले वक्त बदल जा माणस   क्यू खामेखा तकरार करे जो गया वक्त वो बढ़िया था जो आणा वक्त वो बढ़िया स आछे भूंडे बीच जो कट जया     वे जीवन की घडिया स आणी दुनिया जाणी दुनिया नदी का बहता पाणी दुनिया…

बैल अर किसान : बातचीत बूढ़े बैल अर किसान की

Posted on June 13, 2020June 25, 2020

एक किसान क घरा गौ माता न बछड़े त जन्म दिया. जब साल भर का होया तो किसान न उसके नाथ घलवा दी. जवान होया तो सारी उमर खेत कमाता रहया और टेम गेल वो सांड बीचारा बूढा अर लाचार होके मरण की बाट देखण लाग्या. पहले गामा म मंण्डासा आले आया करते जो बूढ़े…

जाट आरक्षण

Posted on January 27, 2017

जाट आरक्षण (PDF) फेर आगे थम लेके बेडा नाटक खूब दिखाओगे रोला घाल क सडका पे घरा ने फेर जलाओगे लेरे गाड़ी लेरे किले रपिया की भी घाट नहीं जिद बेकार की होरी स  ना लोड इसी कोई खास नहीं भाई बड़े थम समझो थोडा अड़े कोई किसे ते डरता ना जरुरत पूरी हो जा से…

ना चाहिये

Posted on October 24, 2016June 4, 2020

    ना चाहिए रपिये हो या ताकत का घणाजोर दिखाणा ना चाहिये कदे पासे उलटे पड़ जा से ज्यादा अकड़ में आणा ना चाहिये   राज हो या हो यारी कोई हर किसे ते बताणा ना चाहिये रोला हो या प्यार कोई घरक्या ते छुपाणा ना चाहिये   जमीन हो या गाय का कदे…

कहर बनाई

Posted on September 30, 2016

36 गामा में बस्ता तू एक शहर बनाई है 36 गामा में बस्ता तू एक शहर बनाई है के कहने ऊपर वाले के जमा कहर बनाई है देख के जिसने घी सा घल्जा बुझा हुया लट्टू भी जलजा खेतों खेत ने जाती तू एक नहर बनाई है रात अँधेरी पाछे चढती सुबह सी आई है तेरे…

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