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Category: Poetry

सेधया करे

Posted on October 15, 2020October 15, 2020

छोरा हो या छोरी हो घणा सर प ठाया सेधया करे बिचारा करके सांपा न जो दूध पिलाया सेधया करे यारी प्यारी रिश्तेदारी राज बताया सेधया करे घणी नफ़रत सेधे प्यार भी सेधे ग़ुस्सा इकरार भी सेधया करे सीधा माणस सेधे दुनिया वक्त की मार भी सेधया करे “दीप” बदलजा होले टेढ़ा सीधे न सब…

ऊपर वाला सगा किसी का नहीं

Posted on June 8, 2020June 25, 2020

निकल रही है निकल ही जायगी बेशुमार हो रौनके ज़िन्दगी में बेशक कभी रुसवा किस्मते होंगी कभी वक्त की रुसवाई होगी कभी युद्ध खिलाफ़ अपने होगा कभी जंग दुनिया संग आई होगी   आज कौन है यहाँ जो मुक्क्कम हुआ हो काश और अगर तो हर दिल का ठहरा क़िस्सा है बचके तो कौन जायगा…

सपने और हक़ीकत 

Posted on June 4, 2020June 7, 2020

सूरज़ रोज़ निकलता है रात अंधेरी से लड़कर आँखों मे सपने लिए हुए अरमानों के कंधे पर चढ़ कर  हसरत जगमग उठती है मसतक पर तेज़ झलकता है क्यों वक़्त नही रूक जाता है नर ओढ़ वीरता चलता है  पर जंग जीवन की अंनत रही पथ पथ पर उलझन आती है कायर को रही तोड गिरा बलशाली को तड़पती है  रोज अंधेरे मे दिन के ये रुह बावरी फ़िरती है बिन मक़सद ज्यूँ चलती नौका जा अंजाने साहिल मिलती है  काग़ज़ के टुकड़ों कि ख़ातिर अनमोल मिला वो बेच दिया जो वक़्त क़ीमती हीरा था जला आग सुलगती झोक दिया  ये आज गया यू कल जाना दिन साल महीने ढल जाना जीवन के पथ रथ चल जाना जो मिला आज वो कल जाना  आशा और निराशा कि छाया जीवन मे तार रहे कुछ मार वक़्त कि पड़ती है कुछ पैर कुल्हाड़ी मार रहे  है काली घटा निराशा कि छिपी जिसमें किरण है आशा कि इस जीवन कि परिभाषा कि फ़सल खेत मे डाल रहे  अब रोज के क़िस्सों का आलम कुछ दिल पर यू आ बैठा दीप कि हर रोज ही हस्ती उठती है हर रोज ही मरने की ख़ातिर …

ख्याल

Posted on June 4, 2020June 7, 2020

जीवन में उम्मीद का होना बेहद जरुरी है दोस्त मगर उमीदों के रथ पर सवार मत होना ख्यालों के रास्ते अक्सर दीवारों में जा भिड़ते है   अपने पंखो की जान पर ही आसमान छुआ जाता है अंत तो जीवन का मिटटी और राख़ ही है मगर दुनिया में भीड़ की है तो आसमान भी…

सफ़र

Posted on December 24, 2018June 7, 2020

  ऐ मेरे सफर के राहियों  एक दिन ये सफर भी नहीं होगा और यह जिंदगी भी नहीं   मैं इसलिए नहीं चलता कि मुझे तुम्हें दिखाना है मैं इसलिए चलता हूं कि ये रास्ता कुछ अंजाना है   मिलेंगे तुमसे राही और तुमसे मुसाफिर भी मुझे तो बस हाथ मिलाना है और आगे बढ़ते जाना…

तेरे शहर से नफ़रत सी हो गयी

Posted on April 21, 2018

मेरे गुरु है नमन तुम्हे

Posted on September 5, 2017June 7, 2020

दूर तलक था अँधियारा जब जीवन का आगाज हुआ अनजाना सफ़र अनजानी डगर मकसद जीवन का राज हुआ जो मिले आप तो मिला साथ किसी धुन का जैसे साज हुआ इस ज्ञान डगर पर चलने से मुझे जीने का अंदाज हुआ बन दीप गुरु जब आप जले तो रोशन ये संसार हुआ हे मेरे गुरु…

हम जोड़ेंगे

Posted on August 15, 2017June 7, 2020

      वो कहते है हम तोड़ेंगे ये बस्ता मुल्क हजार में तोड़ो धर्म पे तोड़े जात पे तोड़ो मजहब की हर बात पे तोड़ो तोड़ो इनको कर्मो पर  और रंग भेद औकात पे तोड़ो जो टूटे से ना जुड़ पाए तुम इन्हें हर इक हालात पे तोड़ो     हम कहते है हम…

ऐ मेरे खुदा

Posted on June 1, 2017June 7, 2020

  ऐ मेरे खुदा जा बैठा जो अम्बर पर तू क्यों नजरो से बचता है कही बेच ना  दे बाजारों में क्या तू इंसा से डरता है ऐ मेरे खुदा जरा सामने आ मुझे कुछ बात करनी है   वो खेतो में जो तपता है दिन रात ही  मेहनत करता है औरो का जो पेट…

यारी

Posted on April 22, 2017June 7, 2020

  पीठ पे वार से  अपनो की मार से  बेईज्ज़ती भरे बाजार से  इंसान घुट घुट मरता है      लत शराब की भारी ने बढती उम्र बिमारी ने ना मुराद बेरोजगारी ने कई बर्बाद कर दिये     कंजूस के हाथ में  दगाबाज के साथ में  फिजूल की बात में  कुछ नहीं मिलता   …

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