ना चाहिए रपिये हो या ताकत का घणाजोर दिखाणा ना चाहिये कदे पासे उलटे पड़ जा से ज्यादा अकड़ में आणा ना चाहिये राज हो या हो यारी कोई हर किसे ते बताणा ना चाहिये रोला हो या प्यार कोई घरक्या ते छुपाणा ना चाहिये जमीन हो या गाय का कदे…
Month: October 2016



शहीद
शहीद PDF वो रोज धमाके सुनते है जीते हैं जंग के साये मेंवो खडे हुए हैं सीमा परले असला अपनी बाहों में गोलियों की बरसात मेंवो लाल लहू से नहाते हैंहोली हो या दिवाली होसब सीमा पर ही मनाते हैं इक आस जो घर पर जाने कीजो पल भर में धुल जाती…



भगत सिंह
भगत सिंह ये सपूत भारत माँ के अकड़ किसी की नहीं सहते सच्चे सूरमे पक्के देशभक्त भगवान भरोसे नहीं रहते मंजर अपनों की मौत वाला दौड़े आँखों में बन लाल लहु फिर हथियार उठाना पड़ता है तब होश ठिकाने नहीं रहते तू शेर है भारत माता का दुश्मन के घर घुस वार करे…