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कहर बनाई

Posted on September 30, 2016


36 गामा में बस्ता तू एक शहर बनाई है
36 गामा में बस्ता तू
एक शहर बनाई है
के कहने ऊपर वाले के
जमा कहर बनाई है
देख के जिसने घी सा घल्जा
बुझा हुया लट्टू भी जलजा
खेतों खेत ने जाती
तू एक नहर बनाई है
रात अँधेरी पाछे
चढती सुबह सी आई है
तेरे करके बालक पढते ना
घर आल्या ते भी डरते ना
मर जाणी तेरे पीछे
इनकी रोज लड़ाई है 
लागे कईया ने मरेगी
इसी आफत आई है
तेरे पीछे कोई बुलेट कढवारा
नए लत्ते कोई घाल के आरा
भरी दुप्हेरी सीखे इंगलिश
सुबहे शाम ने जिम में जारा
बैरण और बता तू क्योंकर चाहवेगी
इब के देसी बालका धोरे डांस करावेगी
सरकार कित्ते तन्ने बैन करा दे
रूप तेरे पे टैक्स लगा दे
गाँम सारे में रुक्का पड़जया
भरे शहर दंगे करवा दे
पहर गुलाबी सूट जद म्हारी ते जावेगी
लागे जिगरी यारा में ही लट्ठ बजवावेगी.
‘दीप’ तो झूठ बताता ना
हर एक ते आँख मिलाता ना
पर तन्ने देख के लागे ज्यु
लांखा में एक बनाई है
बोले मीठी दीखे सुथरी
दिल की नेक बनाई है

प्रदीप सोनी 

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